150 गांव उत्तराखंड में अब भी अंधेरे में रहने को मजबूर : हरीश रावत को प्रदेश की नहीं चिंता,
उत्तराखंड: भारी बारिश और बादल फटने जैसी आपदा से पहले से ही जुझ रहे उत्तराखंड के लोग अभी अपने लोगों के खोने का गम भुला भी नहीं पाये थें कि उन्हें एक ओर परेशानी से दो चार होना पड़ रहा हैं।
बताया जा रहा हैं कि बादल फटने के कारण करीब राज्य भर में 900 से अधिक गांव अंधेरे में डूब गए थे। जिसमें से लगभग 150 घर अभी भी अंधेरे को अपना हमसफर बनाए हुए हैं।
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ( यूपीसीएल ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बातचीत के दौरान बताया कि यह आपदा अभूतपूर्व थी ।
तेज हवाओं और बारिश के कारण कई बिजली के खंभे उखड़ गए जिसके कारण बिजली प्रभावित हुई।
साथ ही प्रकृतिक आपदा की वजह से बिजली का पूरा बुनियादी ढांचा भी हिल गया।
आपको बता दें कि यूपीसीएल द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, चमोली जिले में 137 गांवों, पिथौरागढ़ में 466 , और टिहरी में 317 घरों में आपदा के बाद 24 घंटों से बिजली नहीं हैं।
अधिकारी ने कहा कि "हम यह सुनिश्चित कर रहे है कि हमारे लोग बिना रुके पूरे हफ्ते काम करके बिजली की आपूर्ति को जल्दी से जल्दी ज्यादा स्थानों पर बहाल कर देने में सक्ष्म हो जाये।
हालांकि अभी भी अधिकांश गांवों में बिजली शुरू कर दी गई है।
जबकि वास्तविकता में आपकों बता दें कि चमोली में 94 गांव और पिथौरागढ़ में 45 गांव अब भी अधेंरे में डूबे हुए हैं। इतना ही नहीं भूस्खलन के कारण राजमार्गों को भी सोमवार से बंद रखा गया हैं।
करीब एक दर्जन पुल भी पानी में बह गए हैं। जिसकी वजह से आवाजाही में भी बाधा उत्पन्न हो रही हैं। इन सड़कों और पुलों के बंद होने का सीधा असर रोज-मर्ना की आवश्यक वस्तुओं जैसे दाल-सब्जी की आपूर्ति पर पड़ रहा हैं।
अल्मोड़ा - हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग को पिछले तीन दिनों के लिए बंद करने के कारण किराना और सब्जियों के साथ ट्रक अल्मोड़ा तक भी नहीं पहुंच सके जिसकी वजह से लोगों को समय पर उनकी जरुरत का समान समय से उपलब्ध नहीं हो पा रहा हैं।
इतना ही नहीं कुमाऊं के कई हिस्सों में गर्मी की छुट्टियों के बाद सोमवार को खुलने थे पर सड़कों के बंद होने के कारण बच्चों और शिक्षकों को स्कूल पहुंचने में मुश्किल हो रही हैं।
एक और जहां आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भोजन और दवाओं की कमी एक बड़ी समस्या बन गई है।
वही दूसरी ओर मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि चिंता की कोई जरुरत नहीं है सरकार अपना काम जल्द से जल्द कर रही हैं।

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